बायोमेडिकल कचरा प्लांट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, नोटिस जारी
नई दिल्ली : दिल्ली के जीटी करनाल रोड स्थित बायोमेडिकल कचरा ट्रीटमेंट प्लांट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा है। मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर, 2026 को तय की है। एनजीटी की पीठ ने कहा कि मामले में पर्यावरण नियमों के अनुपालन से जुड़ा अहम मुद्दा उठाया गया है। पीठ में अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद शामिल थे। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता को नोटिस की तामील कराने और अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले इसका शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।यह मामला राहुल सेहरावत की ओर से दायर याचिका पर सामने आया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 46-47, एसएसआई इंडस्ट्रियल एरिया, जीटी करनाल रोड स्थित मेसर्स बायोटिक वेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी से आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। याचिका में काले धुएं और बायोमेडिकल कचरे से निकलने वाली राख के गलत तरीके से निस्तारण का भी आरोप लगाया गया है।