उत्तराखंड

केदारनाथ धाम के कपाट खुले,CM धामी ने पत्नी संग धाम पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की

केदारनाथ:विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह आठ बजे शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय बाबा केदार के जयघोषों से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बने। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्नी संग धाम पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। प्रधानमंत्री मोदी के नाम से केदारनाथ में पहली पूजा की गई। इस अवसर पर केदारनाथ धाम में मौजूद श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। पहले दिन से ही बाबा के दर्शन के लिए लंबी लंबी कतारें लगी हैं।

कपाट खुलने की प्रक्रिया आज प्रातः 5 बजे से ही पौराणिक परम्पराओं के साथ प्रारम्भ हुई। मुख्य द्वार पर रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी गंगाधर, तीर्थ पुरोहितों और वेदपाठियों ने विधि-विधान से पूजा अर्चना की। ठीक 8 बजे शुभ मुहूर्त में मंदिर के मुख्य द्वार भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलने पर श्री केदारनाथ मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक देशी-विदेशी फूलों से सजाया गया था। कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण पर आसमान से हुई हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा ने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को भक्ति के चरम आनन्द से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट के बैंड द्वारा दी गई मधुर प्रस्तुतियों और भक्तिमय धुनों ने हिमालय की चोटियों को भक्ति रस से गुंजायमान कर दिया। संगीत और मंत्रोच्चार के इस संगम ने वातावरण को पूरी तरह अलौकिक बना दिया।कपाटोद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केदारनाथ धाम सहित चारों धाम उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान हैं और राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव कराने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यात्रा व्यवस्थाओं की वह स्वयं नियमित समीक्षा कर रहे हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं को उच्च स्तर पर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी आवश्यक प्रबंध समय से सुनिश्चित किए जाएं।

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