ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान को रानीपोखरी मौजा में आयोजित हुई ‘रात्रि चौपाल’
देहरादून। ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों की धरातलीय स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन देहरादून द्वारा शुरू की गई अनूठी पहल ‘रात्रि चौपाल’ के तहत विकासखंड डोईवाला की ग्राम पंचायत रानीपोखरी मौजा में चौपाल आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा की अध्यक्षता तथा दर्जाधारी राज्य मंत्री धीरेंद्र पवार की उपस्थिति में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 18 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों पर संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
‘जन सेवा–जन विश्वास–जन भागीदारी’ की भावना के अनुरूप आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने सड़क, विद्युत, पेयजल, भूमि संबंधी विवाद, जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान तथा अन्य स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने कहा कि रात्रि चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी-बड़ी समस्याओं को गांव में ही चिन्हित कर उनका त्वरित प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। इस पहल से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है। साथ ही, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं के निस्तारण में तेजी लाई जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चौपाल में प्राप्त शिकायतों पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करते हुए उनके निस्तारण की प्रगति पर भी नजर रखी जाए, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें सरकारी सेवाओं का लाभ सुगमता से मिल सके।
जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से लिया फीडबैक
चौपाल के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए योजनाओं से प्राप्त लाभ की जानकारी दी। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से फीडबैक प्राप्त कर योजनाओं की पहुंच, प्रभावशीलता तथा पात्र लाभार्थियों तक उनकी पहुंच की स्थिति का आकलन किया।
इस दौरान अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा चौपाल में उपस्थित कृषकों को निशुल्क बीज वितरित किए गए। इसके माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा आजीविका के अतिरिक्त अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
चौपाल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि, बागवानी, पशुपालन, ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे तथा स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्रामीणों की भागीदारी से रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।
रात्रि चौपाल में स्वच्छता एवं कूड़ा प्रबंधन से संबंधित विषयों पर भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई। ग्रामीणों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, कूड़े का उचित प्रबंधन करने तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से स्वच्छ वातावरण विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए ग्रामीणों से स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग की अपील की।
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर भी संवाद
रात्रि चौपाल के माध्यम से गांवों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति, विकास योजनाओं की प्रगति और सरकारी सेवाओं की पहुंच का आकलन कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की पहल
जिला प्रशासन देहरादून की रात्रि चौपाल का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान, विकास कार्यों की समीक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना भी है। इस पहल के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है, जिससे स्थानीय समस्याओं की वास्तविक स्थिति समझने तथा उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने में सहायता मिल रही है।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को सरकारी सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध हो तथा उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
